आदत नहीं है दरवाज़ा ताकने की,
पर इंतज़ार है उसका..जिसने आने का वादा किया था।
इतनी शिद्दत से किया है मैंने उसका इंतज़ार,
मार भी जाऊँ तो दरवाज़ा ख़ुद खुल जाएगा उसके आने पर।
कौन बतायें उनको कि सब कुछ तो तेरे नाम ही था,
फिर किस चीज़ की चाहत में वो दूर गया था।