माँ तेरी याद सताती है।
नन्ही सी बीज थी मैं, तूने अपने से सींचा होगा;
फिर छोटी सी गुड़िया को, लाडो से पाला होगा।
उसको खाना, बोलना, चलना, सब सिखया होगा;
क्या पता था उस माँ से ही अलग होना होगा।
तेरे सारे काम याद है, माँ तेरी याद सताती है।
अच्छा करने पर सब सबशी मुझे ही दें देते,
और ख़राब होने पर मेरी माँ के संस्कार बताते;
जब तुझे तंग करती थी ना मैं, तो तुम भी-
सुनती थी कि जब माँ बनोगी तब पता लगेगा।
तेरी सारी बातें याद है, माँ तेरी याद सताती है।
क्यू बड़ी हो गयी मैं बिल्कुल अच्छा नही लगता,
कितने काम,कितनी बातें, कितने रिश्ते हो गये;
बहुत मन करता है कि फिर से छोटी हो जाऊ,
फिर तेरी गोदी में सर रखकर सो जाऊ।
तेरा सारा प्यार याद है माँ तेरी याद सताती है।