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Saturday, 6 July 2024

मेरे अपने सपने!

 

क्यूँ रुक गया वो समय मेरी आँखो में,

जब तुमसे मिली थी ।

वो कैसे याद है हर बात वैसे के वैसे ही,

क्या ज़रूरी था उस दिन का होना भी?

सब दे दिया था तुमको..सपने, कशिश..

चले गए छोड़कर क्यू दूर फिर भी।

तुमने तो ना सोचा, ना मुड़कर देखा कभी 

और टूट गए वो भी जो थे मेरे.. सपने, क़शिश ।

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